तकनीकी शिक्षा मंत्री ने घुमारवीं में सुनी जन समस्याएं, अधिकारियों को जल्द निपटारे के दिए निर्देश
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह घुमारवीं में जन समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध जन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिये।
राजेश धर्माणी ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हमीरपुर-घुमारवीं मुख्य सड़क की शीघ्र मुरम्मत करने के निर्देश दिये ताकि आवागमन बेहतर व सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो जाने के कारण सड़क हादसों का अंदेशा बना हुआ है, ऐसे में संबंधित विभागीय अधिकारी जल्द से जल्द इस प्रमुख सड़क की रिपेयर करना सुनिश्चित बनाएं।

साथ ही कहा कि यदि एनएचएआई सड़क रिपेयर करने में असमर्थ है तो वह लोक निर्माण विभाग को बजट उपलब्ध करवाए ताकि समय पर सड़क मुरम्मत का कार्य किया जा सके। उन्होंने लोेक निर्माण विभाग को घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में बारिश से खराब हुई संपर्क सड़कों का भी बेहतर रख-रखाव एवं रिपेयर करने को कहा ताकि यातायात सुरक्षित बना रहे।
उन्होंने जलशक्ति विभाग को सभी पेयजल आपूर्ति योजनाओं तथा बिजली बोर्ड को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित बनाए रखने के भी निर्देश दिये।इस मौके पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्य मंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का प्रमुख ध्येय आमजन का कल्याण एवं जन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना है।
जनकल्याण को समर्पित प्रदेश सरकार ने अढाई वर्ष के कार्यकाल में अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं ताकि समाज की सबसे पिछली पंक्ति में बैठे लोगों को भी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करते हुए मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दिनों आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मद्द के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हिमाचल सरकार ने विशेष राहत पैकेज प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
इस पैकेज के तहत पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए दी जाने वाली 1.30 लाख रूपये की सहायता राशि को बढ़ाकर 7 लाख रूपये किया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए साढ़े 12 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। इसी प्रकार, क्षतिग्रस्त दुकान अथवा ढाबे के लिए दी जा रही दस हजार रुपये की राशि को भी बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है।

उन्होंने कहा कि गौशाला के क्षतिग्रस्त होने पर अब दस हजार रुपये के स्थान पर 50 हजार रुपये, बड़े दुधारू पशुओं की हानि पर अब साढ़े 37 हजार रुपये के बजाय 55 हजार रुपये प्रति पशु की दर से मुआवजा दिया जाएगा, जबकि बकरी, सूअर, भेड़ व मेमने के नुकसान पर दी जाने वाली राशि 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये प्रति पशु कर दी गई है।
राजेश धर्माणी ने बताया कि कृषि व बागवानी भूमि के नुकसान पर मुआवजा राशि को 3,900 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति बीघा तथा फसल नुकसान पर मुआवजा 500 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति बीघा किया गया है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को बारिश से घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान का भी जल्द आकलन करने तथा प्रभावितों को राहत मैनुअल के तहत मद्द करने के भी निर्देश दिये।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.