मंडी
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंगलवार को आपदा प्रभावित सराज क्षेत्र का दौरा कर निहरी सुनाह पाठशाला, डिग्री कॉलेज लंबाथाच सहित कई क्षतिग्रस्त शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में हालिया आपदा से 523 शिक्षण संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 109 पूर्ण रूप से नष्ट हो गए हैं।
केवल मंडी जिले में 29 संस्थान प्रभावित हैं, और इनमें से 22 अकेले सराज में हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन 109 पूर्ण क्षतिग्रस्त स्कूलों के लिए प्रथम चरण में 16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बरसात समाप्त होते ही पुनर्निर्माण कार्य शुरू होगा, जिसके लिए हिमुडा को जिम्मेदारी दी गई है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि हालिया आपदा से हिमाचल प्रदेश को लगभग 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें शिक्षण संस्थानों को 30 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। लंबाथाच डिग्री कॉलेज की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था या तो विश्व बैंक परियोजना के तहत या अगले वित्तीय वर्ष में की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भवन निर्माण के लिए स्थान चयन की संयुक्त जिम्मेदारी उपनिदेशक शिक्षा, बीईओ और नोडल एजेंसी की होगी, ताकि भवन आपदा संभावित क्षेत्रों, नदियों और नालों से दूर बनाए जा सकें। उन्होंने कहा कि एक किलोमीटर के दायरे में स्थित पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त स्कूलों को निकटवर्ती सुरक्षित विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा।

निहरी में प्राइमरी स्कूल की कक्षाएं अब वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में लगेंगी।उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षेत्र की बंद पड़ी सड़कों की बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि बागवान अपनी तैयार सेब की फसल समय पर बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत एपीएमसी द्वारा सेब की खरीद शुरू कर दी गई है। सराज क्षेत्र में 5 खरीद केंद्र खोले जा चुके हैं और अन्य स्थानों पर भी केंद्र खोलने के आदेश जारी किए गए हैं।

दौरे के दौरान पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, चेतरात ठाकुर, जगदीश रेड्डी, नरेश चौहान, महेश राज, तरूण ठाकुर, गोपाल सहगल, ओम प्रकाश, निदेशक कॉलेज कॉडर डॉ. अमरजीत सिंह, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, एसडीएम थुनाग रमेश ठाकुर और उपनिदेशक शिक्षा यशवीर कुमार भी उपस्थित रहे।
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