स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक आहार आवश्यक – यादविंदर गोमा                                                 आयुर्वेद ऋतु अनुसार पौष्टिक आहार के सेवन पर देता है बल                                                  नालागढ़ से प्रत्युषा परियोजना के तहत आई.ई.सी. का शुभारम्भ


आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा विधि मंत्री यादविंदर गोमा ने कहा कि जीवन की व्यस्तता के दृष्टिगत स्वस्थ शरीर के लिए सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए पौष्टिक भोजन का सेवन करना नितांत आवश्यक है। यादविंदर गोमा आज सोलन ज़िला के नालागढ़ राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ‘प्रत्युषा परियोजना’ (आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थों, पारम्परिक अनाज तथा आयुष आहार को प्रोत्साहन) के अंतर्गत सूचना शिक्षा एवं सम्प्रेषण सामग्री का विधिवत शुभारम्भ करने के उपरांत जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे।


यादविंदर गोमा ने कहा कि सभी आयुवर्ग के लोगों को ऋतु अनुसार पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में स्वस्थ रहने के लिए खान-पान के नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है। आयुर्वेद ऋतु के अनुसार पौष्टिक आहार पर बल देता है। उन्होंने कहा कि रागी, ज्वार, बाजरा, जौ जैसे अनाज अनादिकाल से भारतीय भोजन का हिस्सा रहे हैं और यह सभी पारम्परिक अनाज पौष्टिक हैं। इनके सेवन से शरीर को दीर्घकालीन स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।


उन्होंने कहा कि आयुष विभाग और प्रत्यूषा परियोजना का उद्देश्य जन समुदाय में कुपोषण की दर को कम करना, स्वस्थ आदतों व परम्परागत पौष्टिक व्यंजनों का समावेश करना तथा लोगों में शारीरिक एवं बौद्धिक विकास को बढ़ाना है।


आयुष मंत्री ने कहा कि युवा दिवस के अवसर पर आई.आर.जी. ने नेस्ले आर.एंड.डी. के सहयोग से एक महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रत्यूषा परियोजना’ की शुरुआत की है। इस परियोजना से जहां हिमाचल प्रदेश के लोगों को विशेषकर स्थानीय समुदाय को पारंपरिक अनाज, आयुर्वेदिक भोजन और आयुष आहार के महत्व के बारे में जानकारी मिलेगी वहीं आमजन स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के बारे में भी जागरूक होंगे।


यादविंदर गोमा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी के दृष्टिगत ग्राम केन्द्रीत योजनाएं आरम्भ की हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई मक्की, गेहूं व हल्दी की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया गया है। राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए गाय के दूध पर 51 रुपए और भैंस के दूध पर 61 रुपए प्रति लीटर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बना है।


आयुष मंत्री ने इससे पूर्व नालागढ़ में आयुष अस्पताल का निरीक्षण भी किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए।नालागढ़ के विधायक हरदीप बाबा ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों से निपटने के लिए आयुर्वेदिक प्रथाओं और पारंपरिक खानपान को दैनिक जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमें संतुलित आहार अपने खानपान में विशेषकर मोटे अनाज को शामिल करना चाहिए ताकि स्वयं स्वस्थ रहकर स्वस्थ समाज का निर्माण कर सके।


कार्यक्रम में ज़िला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. निशा वर्मा ने संतुलित आहार के महत्व को दर्शाने वाली ‘स्मार्ट थाली सेहत वाली’ तथा खण्ड आयुष अधिकारी डॉ. नीरज जुल्का ने आयुष आहार के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।आई.आर.जी. के निदेशक पवन वर्मा ने इससे पहले मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा ‘प्रत्यूषा परियोजना’ के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने आंगनवाड़ी तथा आशा कार्यकर्ता से प्रत्यूषा परियोजना के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह भी किया।


इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यातिथि द्वारा पुरस्कृत भी किया गया।
उपमंडलाधिकारी नालागढ़ नरेंद्र अहलूवालिया, पुलिस उप अधीक्षक बद्दी योगराज चंदेल सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और महाविद्यालय की छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।


Discover more from Newshimachal24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from Newshimachal24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading