सुंदरनगर,

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, गाजियाबाद के सौजन्य से कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में “जैविक एवं प्राकृतिक खेती” विषय पर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग की आत्मा परियोजना मंडी के अंतर्गत प्राकृतिक खेती से जुड़े लगभग 60 किसानों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत एवं बीजामृत की तैयारी व उपयोग की विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों, कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र के विश्लेषण, फसलों में महत्वपूर्ण कीटों की पहचान तथा उनके प्रबंधन की प्राकृतिक पद्धतियों पर प्रकाश डाला।

इसके अतिरिक्त प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, लाभों, देशी इनपुट निर्माण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, लागत में कमी तथा उत्पादन वृद्धि जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। आत्मा परियोजना मंडी द्वारा किसानों के सहायतार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, प्राकृतिक खेती की अवधारणा, उसकी आवश्यकता एवं फायदों पर भी बल दिया गया। प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने कार्य क्षेत्र में अमल में लाएं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधानाचार्य कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर डॉ. प्राची, निदेशक क्षेत्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र गाजियाबाद डॉ. गगनेश शर्मा, क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डॉ. आर. एस. श्रीवत्स, समन्वयक डॉ. विवेक चंद्र पांडे, उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. हितेंद्र तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राजीव शर्मा ने किसानों को प्रशिक्षित और मार्गदर्शन प्रदान किया।
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