मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की विकरालता इतनी भीषण है कि कई सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। हर ओर तबाही का मंज़र है -सब कुछ क्षत-विक्षत हो गया है। आपदा ने सुंदर प्रदेश को गहरे ज़ख़्म दिए हैं।

उन्होंने कहा कि देज़ी और पखरैर में कई परिवारों ने अपनों को खोया है। उनकी आपबीती सुनकर मन भीतर तक व्यथित हो गया। इस आपदा ने बरसों की मेहनत, जीवन भर की पूंजी और पीढ़ियों की स्मृतियाँ कुछ ही पलों में छीन लीं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों का तुरंत सर्वेक्षण हो और किसी का भी हक़ न मारा जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है – जब तक अंतिम व्यक्ति तक राहत नहीं पहुँचती, हमारी कोशिशें रुकेंगी नहीं।
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