इंदौरा,
भारी बारिश तथा पोंग बांध से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण ब्यास नदी में आए बड़े जलस्तर से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम मंगलवार दोपहर उपमंडल इंदौरा पहुंची। टीम ने विभिन्न स्थलों का दौरा कर आपदा से हुई क्षति का विस्तृत आकलन किया।
टीम में कंदरप वी. पटेल, उप सचिव, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार तथा दीपा शेखर सिंघल, अवर सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार शामिल रहे, जबकि राहुल चौहान, रजिस्ट्रार सहकारी संस्थाएं धर्मशाला ने समन्वयक की भूमिका निभाई। टीम के साथ प्रशासनिक अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

केंद्रीय टीम ने सबसे पहले ढांगू स्थित सिविल एन्क्लेव रोड का निरीक्षण किया, जहां भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया गया। इसके उपरांत टीम ने चक्की पुल तथा चक्की पुल से कनीष्क आश्रम रोड–भदरोया रोड पर हुए नुकसान का निरीक्षण किया।
टीम ने मिलवां–धमोता क्षेत्र का भी दौरा किया, जो पोंग बांध से छोड़े गए अतिरिक्त पानी से ब्यास में बढ़े जलस्तर की मार झेल चुका है। इसके अलावा टीम ने मलोट स्थित छौंछ खड्ड में बाढ़ से हुई क्षति का भी आकलन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने प्रभावित क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, हुए नुकसान और बहाल की जा रही सेवाओं का विस्तार से मूल्यांकन किया। इस दौरान टीम ने काठगढ़ मंदिर में महादेव के दर्शन भी किए।

दौरे के समय एसडीएम इंदौरा डॉ सुरेंद्र ठाकुर ने टीम को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंड क्षेत्र की 14 पंचायतों के 28 गाँव ब्यास नदी में पोंग बांध से छोड़े गए पानी के कारण प्रभावित हुए हैं। उन्होंने नुकसान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट टीम को उपलब्ध करवाई और बताया कि किस प्रकार भारी बारिश व बढ़े जलस्तर ने सड़क नेटवर्क, पेयजल योजनाओं, सिंचाई ढाँचों और कृषि भूमि को प्रभावित किया है। टीम को प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और राहत कार्यों की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया गया।
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