हमीरपुर
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति योजना के तहत 2 से 12 सितंबर तक चलाए जा रहे 10 दिवसीय विशेष जागरुकता अभियान के तहत मंगलवार को बाल विकास परियोजना हमीरपुर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए विभिन्न अधिनियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महिलाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं तथा अधिनियमों के साथ-साथ बच्चों से संबंधित योजनाओं एवं अधिनियमों से भी अवगत करवाया।
उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यह इकाई एकीकृत बाल संरक्षण योजना के तहत एक बहुत ही महत्वपूर्ण संस्था है। यह संस्था जिले के बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके विकास, संरक्षण और भागीदारी को सुनिश्चित करती है।
यह इकाई बाल संरक्षण से जुड़ी सभी गतिविधियों में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती है। इसमें बच्चों के लिए आवश्यक सेवाओं की स्थापना, आपातकालीन सहायता, गैर-संस्थागत देखभाल, संस्थागत देखभाल, परामर्श और अन्य सेवाएं प्रदान करना शामिल है।

इस मौके पर संरक्षण अधिकारी राकेश कुमार ने घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में जागरुक किया। जबकि, मिशन शक्ति की जिला समन्वयक कल्पना ठाकुर ने पॉश एक्ट-2013 यानि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम-2013 के बारे में जागरुक किया। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने, उन्हें यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने और उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने, निषेध करने व उनका निवारण करने के लिए बनाया गया है। कार्यशाला में अन्य योजनाओं एवं अधिनियमों पर भी व्यापक चर्चा की गई।
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