सरकाघाट,
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में आज सरकाघाट में उप-मंडलीय स्तरीय समिति (एसडीएलसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सरकाघाट राजेन्द्र कुमार गौतम ने की।बैठक में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। एसडीएम ने बताया कि राजस्व विभाग एवं वन विभाग के अभिलेखों में अंतर पाया गया है, जिसे शीघ्र समन्वित करने की आवश्यकता है।
इस दौरान रेंज अधिकारियों द्वारा सरकाघाट रेंज के अंतर्गत आने वाले डिमार्केटेड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट तथा अन-डिमार्केटेड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट क्षेत्रों से संबंधित आंकड़े एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि चिन्हित वन क्षेत्रों का सत्यापन एवं सीमांकन संबंधित ग्राम राजस्व अधिकारी द्वारा वन रक्षक के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आंकड़ों का शीघ्र सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वन क्षेत्रों की पहचान एवं सीमांकन से संबंधित आवश्यक आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध एवं प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के अंत में यह भी निर्णय लिया गया कि आंकड़ों के सत्यापन के उपरांत इसकी सूचना कार्यालय को प्रेषित की जाए, ताकि उप-मंडलीय स्तरीय समिति (एसडीएलसी) की बैठक में इन आंकड़ों को अनुमोदित किया जा सके।
बैठक में नायब तहसीलदार सरकाघाट सतीश सुमन, नायब तहसीलदार भदरोता संजीव कुमार, नायब तहसीलदार बलद्वाड़ा रिखी राम सहित वन विभाग के रेंज अधिकारी सरकाघाट मदन लाल तथा रेंज अधिकारी बलद्वाड़ा अभिनव ठाकुर उपस्थित रहे।
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