बिलासपुर,
बिलासपुर जिला मुख्यालय के बचत भवन में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने की। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि बरठीं के पास भल्लू में मरोतन से घुमारवीं जा रही बस के सड़क हादसे के दौरान जिन स्थानीय नागरिकों, वाहन चालकों एवं अन्य लोगों ने त्वरित मानवीय संवेदना दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग किया, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि हादसे के दौरान सक्रिय भूमिका निभाने वाले सभी व्यक्तियों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। साथ ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को यह सूची राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की सहायता करने वालों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन मिल सके।
बैठक में अवगत करवाया गया कि जिला में वर्तमान में कुल नौ दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें लखनपुर, वेटनरी चौक, बागाखुर्द, भगेड़, नस्वाल पट्टा, दधोल, दकड़ी चौक, हारकुकार, कुठेड़ा तथा ग्वालथाई शामिल हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।

बैठक के दौरान गरामोड़ा के पास हिमाचल प्रवेश द्वार पर एंट्री टैक्स के दौरान लगने वाले लंबे जाम की समस्या पर भी चर्चा की गई। इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि हिमाचल प्रदेश के वाहनों के लिए प्रवेश द्वार पर सड़क को चौड़ा कर अलग से एंट्री लेन विकसित की जाए, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और आम लोगों को जाम से राहत मिल सके।
अतिरिक्त उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों में नागरिक आचरण की शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाए, ताकि बच्चे कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों एवं स्वच्छता के महत्व को समझ सकें। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर सुरक्षित व्यवहार और अनुशासन की आदतें विकसित होने से भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और जिम्मेदार नागरिक तैयार होंगे।

बैठक में आम जनता की जानकारी के लिए यह भी बताया गया कि फोरलेन मार्ग पर किसी भी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 1033 पर संपर्क किया जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना या आपात सहायता के लिए 108 एंबुलेंस सेवा और 112 आपातकालीन सहायता नंबर उपलब्ध हैं, जबकि किसी भी आपदा की स्थिति में आपदा प्रबंधन के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
अंत में अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला के सभी उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर स्थानीय लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को अधिक से अधिक आई-टेस्टिंग कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहन चालकों की दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सके।
बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार कौशल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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