युवा राष्ट्र निर्माण की धुरी, सांस्कृतिक एकता के संवाहक हैं युवा: हेमराज बैरवा*                                                       पांच दिवसीय अंतर-राज्य युवा आदान प्रदान कार्यक्रम का सफल समापन*


धर्मशाला,

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत द्वारा आरएचएफडब्ल्यूटीसी, छेब कांगड़ा में आयोजित पांच दिवसीय अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने की। कार्यक्रम में राजस्थान राज्य से आए 35 युवा प्रतिभागियों सहित हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।


समापन अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि इस प्रकार के आदान प्रदान कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक विविधता को समझने और राष्ट्रीय एकता को सृदृढ़ करने का सशक्त माध्यम हैं। उपायुक्त ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त अनुभवों, सीख और सकारात्मक ऊर्जा को अपने-अपने क्षेत्रों में साझा करें तथा समाज में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करें।

उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण की धुरी हैं तथा देश की सांस्कृतिक एकता के संवाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।


इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों की लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा उनसे कार्यक्रम संबंधी फीडबैक भी लिया गया।


कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए मेरा युवा भारत, कांगड़ा के उप-निदेशक ने बताया कि इस अंतर-राज्य युवा आदानदृप्रदान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सृदुढ़ करना तथा माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप सशक्त युवा नेतृत्व तैयार करना है।


उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोवैज्ञानिक सृदुढ़ता, नशा मुक्त भारत अभियान एवं टोबैको फ्री हिमाचल, विजन 2047, कौशल विकास एवं प्रेरणा, तथा डीप ब्रीदिंग एवं मेडिटेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए गए। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की लोकसंस्कृति का आपसी आदानद प्रदान भी हुआ।


कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को शैक्षिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण के लिए धर्मशाला ले जाया गया, जहां उन्होंने एचपीसीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, वार मेमोरियल, कुनालपत्थरी माता मंदिर एवं चाय बागान, मैक्लोडगंज तथा सेंट जाॅन चर्च का भ्रमण किया। इसके अतिरिक्त युवाओं ने कांगड़ा माता एवं जयंती माता मंदिर में दर्शन किए तथा हिल वेंचर, नरवाणा में साहसिक गतिविधियों में भाग लिया।


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