बिलासपुर
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगभग 200 करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने ग्राम पंचायत बम्म के अंतर्गत कोटलु (बनी-पंडता) में लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन के भूमि पूजन के उपरांत एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए दी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में 24 घण्टे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 33/11 केवी के पांच नए सब स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग तथा बार-बार बिजली कट जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर का पहला 132 केवी सब स्टेशन घुमारवीं क्षेत्र के करयालग में शीघ्र ही स्थापित किया जाएगा, जिस पर लगभग 70 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे। इस सब स्टेशन के बन जाने से कांगू से आपूर्ति की जा रही बिजली पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि घुमारवीं शहर के लिए 33 केवी का एक नया सब स्टेशन प्रस्तावित है, जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है और इसे लगभग 13 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 33 केवी का एक अन्य सब स्टेशन बडोली देवी में बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 17 करोड़ रूपए है। वहीं 33 केवी बकैण-जेजवीं सब स्टेशन का 11 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिकीकरण किया जाएगा और 33केवी के झबोला सबस्टेशन के आधुनिकीकरण पर लगभग 2.50 करोड़ रूपए व्यय होंगे।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अब तक 51 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 35 ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि की गई है। आने वाले समय में 132 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे तथा 113 अन्य ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी।
मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि कोटला से झबोला तक 33 केवी की नई विद्युत लाइन बिछाई जा रही है, जिस पर 6.67 करोड़ रूपए व्यय किए जा रहे हैं और इसका कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त कांगू से कंदरौर लाइन की क्षमता बढ़ाने के लिए 5 करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे हैं।
वहीं एम्स से बडोली देवी के लिए 3 करोड़ रूपए तथा एम्स से भगेड के लिए भी 3 करोड़ रूपए की लागत से विद्युत लाइनों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चरणबद्ध तरीके से हिमाचल प्रदेश में विद्युत क्षेत्र में बड़े सुधार लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि आम जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड करण चंदेल, सहायक अभियंता पंकज, स्थानीय पंचायतों के पूर्व प्रतिनिधि, कांग्रेस कमेटी के प्रधान मदनलाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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