जिला में पेंइग गेस्टहाउस, आवासीय कॉलोनियों एवं निजी घरों में ठहरने वालों को लेकर धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी


बिलासपुर,

जिला बिलासपुर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी किए हैं।


जारी आदेशों में उल्लेख किया गया है कि अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग रोजी-रोटी, व्यवसाय एवं विभिन्न सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए बिलासपुर जिला में आते-जाते रहते हैं। ऐसे व्यक्तियों के पूर्ववृत्त का सत्यापन तथा स्थानीय पुलिस थाना स्तर पर पंजीकरण किया जाना आवश्यक है।


इसके अतिरिक्त जिला में कई स्थानों पर पेइंग गेस्ट (पीजी) हाउस संचालित है, उनमें से कई आवासीय कॉलोनियों या निजी घरों में बिना सक्षम प्राधिकरणों जैसे नगर समिति, ग्राम पंचायत, स्थानीय पुलिस आदि की अनुमति से संचालन कर रहे है।

साथ ही यह पेंईग गेस्ट हाउस विद्यालयों, महाविद्यालयों आदि में पढने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ कामकाजी पुरुषों एवं महिलाओं के पूर्ववृत्त को बिना सत्यापित ठहराया जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित चुनौतियां उत्पन्न होने की संभावना है।


राहुल कुमार ने अन्य राज्यों से आजीविका कमाने के लिए जिला में आने वाले लोगों तथा पेंईग गेस्ट हाउस और समकक्ष सुविधाओं में रहने वाले विद्यार्थियों पर नजर रखने पर जोर दिया है ताकि जिला में असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों तथा नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोका जा सके। 


ऐसी स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी बिलासपुर ने जिला में आदेश जारी किए है कि कोई भी नियोजक, ठेकेदार अथवा व्यापारी बिलासपुर जिला में आने वाले किसी भी प्रवासी श्रमिक को तब तक कार्य पर नहीं लगाएगा, जब तक संबंधित श्रमिक द्वारा पासपोर्ट आकार के फोटो सहित अपनी पहचान एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) से विधिवत रूप से न करा लिया हो।

सत्यापन से संबंधित अभिलेख की प्रति नियोजक द्वारा सुरक्षित रखी जाएगी।इसके साथ ही जिले में आने वाला कोई भी व्यक्ति यदि स्वरोजगार, सेवा अथवा किसी अन्य औपचारिक अथवा अनौपचारिक कार्य से जुड़ना चाहता है, तो वह संबंधित थाना प्रभारी को पूर्व सूचना दिए बिना कार्य आरंभ नहीं करेगा।

कोई भी मकान मालिक अपने मकानों अथवा पेंइग गेस्ट हाउस में स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई इत्यादि शिक्षण संस्थानों में बाहर से पढने आए विद्यार्थियों अथवा बाहरी राज्यों से आए कामकाजी व्यक्तियों की जानकारी सम्बन्धित स्थानीय निकाय तथा ग्राम पंचायतों में दर्ज करवाए बिना नहीं ठहराएगें तथा ऐसे व्यक्तियों की सूचना दर्ज करवाना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही समय-समय पर यह सूचना सम्बन्धित थाना प्रभारी को भी उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेंगे।


उन्होंने जारी आदेश में कहा कि इस सम्बन्ध में अवहेलना पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश 31 दिसम्बर 2025 से प्रभावी होकर आगामी 60 दिनों की अवधि तक लागू रहेगा।


Discover more from Newshimachal24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from Newshimachal24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading