मंडी, 23 मार्च।
जिला उद्योग केंद्र मंडी में आज स्टार्टअप इको सिस्टम पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप के दृष्टिगत विभिन्न विभागों के समक्ष आ रही समस्याओं की पहचान कर उन्हें संकलित करना एवं उद्योग विभाग के माध्यम से उनका निराकरण करना रहा। साथ ही स्टार्टअप्स को अपने नवाचार प्रस्तुत करने तथा विभागों के साथ संभावित सहयोग के अवसर तलाशने के लिए मंच भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्टार्टअप्स ने अपने विचार प्रस्तुत किए। आईओटीएस द्वारा भूस्खलन निगरानी एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली पर प्रस्तुति दी गई, जिसे लूनर टेक्नोलॉजी एवं आईआईटी मद्रास के सहयोग से विकसित किया गया है। यह प्रणाली आसपास के लोगों एवं जिला आपदा प्रबंधन को समय रहते सचेत करने में सक्षम है। सुकेई फिल्म्ज़ ने वाहनों के लिए एक ओटीटी आधारित एप्लिकेशन प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से यात्रियों को उनके आसपास के पर्यटन स्थलों एवं स्थानीय सामग्री की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।

पीएमईजीपी के अंतर्गत सफल लाभार्थी कंचन शर्मा ने कीड़ा जड़ी (औषधीय उत्पाद) के उत्पादन में अपनी उद्यमिता यात्रा साझा की। बॉट डिजिट के प्रियंशु एवं प्रिक्षित भाटिया द्वारा वेब डिजाइनिंग सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया, जबकि क्रिएटिव मैकेनिक्स के शिवांश गुलेरिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के क्षेत्र में अपनी सेवाओं के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यशाला में अग्रणी बैंक प्रबंधक व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, सेरीकल्चर, हिमक्राफ्ट, बागवानी, पशुपालन, कृषि, खनन, नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ आईआईटी मंडी इन्क्यूबेशन सेंटर के स्टार्टअप्स तथा डीआईसी मंडी के अधिकारियों ने भाग लिया।
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