दूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी से चहकी ग्रामीण महिलाएं, तुंगल की सरला देवी ने कहा अब दो गाएं पालूंगी
मंडी, 22 मार्च।
वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत बजट की समाज के विभिन्न वर्गों ने सराहना की है। आमजन का कहना है कि इससे ग्रामीण आर्थिकी सुदृढ़ होगी और सभी वर्गों का ध्यान इसमें रखा गया है।
तुंगल क्षेत्र के भरगांव के रहने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार कृष्ण ठाकुर ने कहा कि सेना में वर्षों तक सेवाएं देने के उपरांत अब उन्होंने डेयरी फार्म खोला है। उनका कहना है कि सुक्खू सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही पशुपालन क्षेत्र में एक नई लहर देखने को मिली है। पहले किसान एक तरह से गाय व पशु पालना भूल गए थे, मगर वर्तमान सरकार की किसान हितैषी नीतियों से आज किसान के घर में पुराना माहौल व रौनक फिर से लौटी है और हर घर में पशु पालन फिर से शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इन जन हितैषी नीतियों को किसान व पशुपालक ताउम्र याद रखेंगे।
तुंगल क्षेत्र की ही सरला देवी ने दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि 61 रुपए प्रति किलो दूध के दाम मिलने से किसानों को लाभ होगा। सरला देवी ने कहा कि पहले उनके पास एक गाय थी, अब वे दो गायें पालेंगी।

सुंदरनगर क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक चमन लाल ने कहा कि दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों की आर्थिकी और मजबूत होगी। उन्होंने गाय व भैंस के दूध का खरीद मूल्य क्रमशः 61 रुपए व 71 रुपए करने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
जोगिंदर नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने कहा कि इस बार के बजट में व्यापारियों के हित में सरकार ने अच्छे निर्णय लिए हैं। 24 घंटे दुकानें खुली रखने की नीति से उन्हें लाभ होगा और यह एक स्वागत योग्य निर्णय है।
सरकाघाट के एडवोकेट के.के. वर्मा ने कहा कि इस बार का बजट हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की राह दिखाता प्रतीत होता है। इसमें किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा व युवाओं सहित सभी वर्गों का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रगतिशील बजट में विभिन्न विभागों में नई भर्तियां, खेलों को बढ़ावा व नशे के विरुद्ध कड़े कदम उठाने की घोषणा सराहनीय है।

सरकाघाट के पंकज नेगी ने कहा कि पुलिस, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की घोषणा से युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्र हो सकेंगे। महिलाओं के लिए पुलिस भर्ती में विशेष पद सृजित करने की मुख्यमंत्री की घोषणा भी इस बजट में शामिल की गई है। मेडिकल कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी नशे के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और खेलो हिमाचल जैसी पहलों से यह बजट और भी लोक हितकारी नज़र आता है।
सरकाघाट के ही प्रताप सिंह ने कहा कि बजट में वंचित व गरीब वर्गों के कल्याण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाया गया है। पशुपालकों, भेड़पालकों सहित अन्य वर्गों के लिए भी बजट में सराहनीय घोषणाएं की गई हैं। शिक्षा के क्षेत्र की पहले जहां अनदेखी होती रहीं, वहीं वर्तमान प्रदेश सरकार ने सीबीएसई पाठ्यक्रम से सरकारी स्कूलों को जोड़ने की अच्छी पहल की है।
जोगिंदर नगर के सुनील कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए कई घोषणाएं की हैं। ई-टैक्सी के लिए 500 परमिट जारी करने और इसके लिए 50 फीसदी उपदान की घोषणा को उन्होंने अच्छा कदम बताते हुए ई-टैक्सी के लिए आवेदन प्रक्रिया के सरलीकरण का भी आग्रह किया।
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