मंडी, 20 मार्च।
अश्वगंधा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश में प्रजाति-विशेष राष्ट्रीय जागरूकता अभियान “अश्वगंधा: एक स्वास्थ्य-वर्द्धक औषधीय पौधा” परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग, (स्थित गोहर–गुडाहरी) द्वारा मंडी जिले के सदर क्षेत्र की ग्राम पंचायत तुंग, नसलोह, सेहली एवं सदयाणा सहित विभिन्न पंचायतों में घर-घर जाकर अश्वगंधा के पौधों तथा इसके औषधीय महत्व से संबंधित प्रचार सामग्री का वितरण किया गया।
अभियान से जुड़ीं वैज्ञानिक एवं मुख्य अन्वेषक डॉ. यौर्मिला तथा डॉ. गरिमा ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से स्थानीय लोगों को अश्वगंधा की उपयोगिता, स्वास्थ्य लाभ एवं इसकी वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक किया गया। इससे किसानों को आय के नए अवसर प्राप्त होने के साथ ही उन्हें औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धद्न के लिए भी प्रेरित किया गया।
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