मंडी।
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), जिला मंडी द्वारा भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति के अंतर्गत ग्राम पंचायत धिस्ती, तहसील चच्योट में किसान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए इसे भविष्य की सुरक्षित, टिकाऊ और लाभकारी कृषि पद्धति बताया।
इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की प्रमुख तकनीकों जैसे जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामृत के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही प्राकृतिक खेती के लाभों, जैसे उत्पादन लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पादन पर भी प्रकाश डाला गया।
किसानों को गेहूं, मक्का एवं हल्दी की नवीनतम न्यूनतम समर्थन मूल्य की जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि वे अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में 470 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला स्तरीय किसान सलाहकार समिति के सदस्य हीर सिंह ठाकुर, 20 सूत्रीय कार्यक्रम के सदस्य दीप मणि, आत्मा मंडी के उप परियोजना निदेशक संजय कुमार ठाकुर व डॉ. हितेन्द्र ठाकुर, एसएमएस कृषि गगन प्रदीप सैनी, विद्युत विभाग के कार्यकारी अभियंता सुमेश चौहान, जल शक्ति विभाग के एसडीओ किशोर लाल, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. काजल शर्मा, पशु चिकित्सक डॉ. राकेश शर्मा, सुरेश चौहान तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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