नवनिर्वाचित सांसद अनुराग शर्मा की पत्रकारवार्ता

नवनिर्वाचित सांसद अनुराग शर्मा ने कुल्लू के अटल सदन में पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि कहा हिमाचल का बजट संतुलित, समावेशी और दूरदर्शी है, जिसमें समाज के हर वर्ग—किसान, युवा, महिला, कर्मचारी और उद्यमी—का विशेष ध्यान रखा गया है। सांसद ने विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा पर्यटन विकास पर दिए गए फोकस की सराहना की।

सांसद ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए जनहितकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि डेयरी, कृषि और बागवानी क्षेत्र में प्रोत्साहन, महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं, युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे निर्णय प्रदेश की समग्र प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि बजट में “ग्रीन एनर्जी”, “डिजिटल गवर्नेंस” और “आईटी एवं इनोवेशन” जैसे क्षेत्रों पर दिया गया जोर हिमाचल को भविष्य के लिए तैयार करेगा। सांसद अनुराग शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करेगा और विकास की नई दिशा तय करेगा।

अनुराग शर्मा ने कहा कि लोकसभा सांसद द्वारा बीड़-बिलिंग और मनाली की पैराग्लाइडिंग साइट्स को लेकर दिया गया बयान न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि भ्रामक भी है, जो प्रदेश की सुदृढ़ होती पर्यटन छवि को अनावश्यक रूप से नुकसान पहुंचाने वाला है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार एडवेंचर स्पोर्ट्स को सुरक्षित, नियंत्रित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सुरक्षा मानकों को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है, पायलट्स को नियमित एवं उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है, तथा अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से मौसम की सटीक निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशिक्षित रेस्क्यू एवं रिट्रीवल टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य सुनिश्चित करती हैं।

उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडिंग के लिए कोई नियम अधिसूचित नहीं होने का दावा पूर्णतः निराधार है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2002 में “एचपी एयरो स्पोर्ट्स रूल्स” अधिसूचित किए थे, जिनमें समय-समय पर संशोधन कर उन्हें और सशक्त बनाया गया है तथा वर्तमान में उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 1200 पैराग्लाइडिंग पायलट्स पंजीकृत हैं। उनके लाइसेंस जारी किए जाते हैं, नियमित रूप से नवीनीकरण होता है, मेडिकल जांच करवाई जाती है तथा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी दक्षता को अद्यतन रखा जाता है। टेंडम उड़ानें केवल तकनीकी कमेटी द्वारा अनुमोदित ग्लाइडर्स में ही संचालित की जाती हैं। उपकरणों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वर्ष में दो बार व्यापक निरीक्षण किया जाता है, और यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि अब तक किसी भी दुर्घटना का कारण उपकरणों की खराबी नहीं रही है—जो प्रदेश की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था को दर्शाता है।

सांसद के कहा कि पिछले तीन वर्षों में एक विश्व कप सहित दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कर प्रदेश ने अपनी वैश्विक पहचान को और सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडिंग केवल एक खेल नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का सशक्त माध्यम है, जिससे हजारों-लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका प्राप्त हो रही है और पर्यटन उद्योग को मजबूती मिल रही है।

शर्मा ने दोहराया कि प्रदेश सरकार साहसिक खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी प्रदेश को विश्वस्तरीय एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वे संसद में RDG, मनरेगा सहित प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते रहेंगे।


Discover more from Newshimachal24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from Newshimachal24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading