कवि सम्मेलन में जिला कुल्लू के लगभग 25 युवा एवं वरिष्ठ कवि एवं कवित्रियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कुल्लू के साहित्यकार डॉक्टर सूरत ठाकुर द्वारा की गई। कवि सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके व ब्यास संस्कृत महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया।
नवोदित कवि सूर्यांश शर्मा ने अपनी सकारात्मक सोच को प्रदर्शित करती हुई कविता ,सुनो जरा तुम कभी हारना मत’ के साथ काव्यपाठ का आरम्भ हुआ। गड़सा घाटी की युवा कवित्री कुमारी श्रुति ठाकुर ने ‘मर्यादा में रहोगे तो जानो’ कविता सुनाई सोमलता ने नुवां संवत’ तथा कवयित्री इशिता गिरीश ने ‘कुआं’ नमक व्यंग्य परक कविता सुनाई।
जिला कुल्लू के प्रसिद्ध गायक दोत राम पहाड़िया ने ‘कल्लू री बेटड़ी बड़ी बांकी’ की कविता डॉ ओम कुमार शर्मा ने ‘काल कर्म का द्वंद’ एक रहस्यमई कविता सुनाकर सबको मंत्र मुक्त किया। युवा कवयित्री कुमारी मोनिका ठाकुर ने मां को याद करते हुए सुंदर कविता सुनाई। कुमारी रजनी ठाकुर, कुमारी अनुरंजनी गौतम ने भी अपनी कवितायें सुनाई।
सहायक लोक संपर्क अधिकारी कुल्लू जय प्रकाश शर्मा ने भी अपनी सुंदर गजल ‘ज़िंदगी एक सफ़र है, चलो तो सही’ सुनाई। यशपाल ठाकुर, अमरा देवी ने भी अपनी कवितायें सुनाई। मंच संचालक कुमारी पल्लवी ठाकुर ने अपने गणतंत्र दिवस के अनुभवों पर सुंदर कविता सुनाई । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉक्टर सूरत ठाकुर ने जीवन यात्रा पथ अनजाना एक सार गर्भित कविता सुनाई तथा सभागार में मौजूद सभी कवियों एवं कवित्रियों की रचनाओं के बारे में अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के समापन पर जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी कवि एवं कवित्रियों, श्रोताओं का धन्यवाद किया।
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