नगरोटा में इंटर जेनरेशनल बॉन्डिंग कैंप का हुआ आयोजन

निकिता ने साढ़े बांके हिमाचले दे शोरूआं नू चिट्टा खा गया गाने ने बाँधा समाँ।

8 अप्रैल, कांगड़ा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत उपमंडल नगरोटा के महाविद्यालय में इंटर जेनरेशनल बॉन्डिंग कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का आयोजन तहसील कल्याण अधिकारी दीपाली तोमर ने अपनी समस्त टीम के साथ मिलकर किया। नगरोटा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ सुरेन्द्र सोनी ने पूर्ण सहयोग दिया।

कार्यक्रम के मुख्यअतिथि एसडीएम कांगड़ा मुनीश शर्मा रहे और विशेष अतिथि प्रधानाचार्य डॉ सुरेंद्र सोनी रहे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच भावनात्मक समन्वय को बढ़ाना, बुजुर्गों के प्रति सम्मान बढ़ाना और उन्हें अधिक समय देना रहा।

मुख्य अतिथि मुनीश शर्मा ने संबोधन के दौरान आयोजकों को बधाई दी और कहा आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी और परिवार छोटे होने के कारण बुजुर्गों में अकेलेपन की समस्या बढ़ती जा रही है जिससे उनका जीवन मुश्किल से व्यतीत हो रहा है। उन्होंने कहा हम सभी को अपने बुजुर्गों को अधिक से अधिक समय देना चाहिए उनकी हर जरूरत का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा बुजुर्ग हमारे परिवार, समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जिन्हें हमेशा हमें खुश रखना चहिए। उन्होंने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा यह कार्यक्रम युवाओं को अनुभव एवं जीवन मूल्य से समृद्ध करते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।

इससे पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सुरेन्द्र सोनी ने संबोधन दौरान आयोजकों को इस सुन्दर कार्यक्रम के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी से अपने बुजुर्गों का सम्मान करने की अपील की। तहसील कल्याण अधिकारी दीपाली तोमर ने सभी का कार्यक्रम में आने के लिए धन्यावाद जताया और संबोधित करते हुए अपने बुजुर्गों को हमेशा सम्मान, आदर और समय देने की बात सिखाई। उन्होंने विभाग द्वारा बुजुर्गों और छात्रों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी एक क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जिसमें उन्होंने बुजुर्गों और युवाओं से बुजुर्गों संबधित प्रशन पूछे। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग और युवा मौजूद रहे रतनी देवी और प्रताप रियाड़ ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्रों ने साँस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए और प्रतियोगिता कारवाई गईं। ईशा, युगती , पायल और

कनिका ने कविता प्रतियोगिता में भाग लिया। भाषण प्रतियोगिता में मानसी, रोहित, मुस्कान, अक्षिता, अनामिका, अंजुम और प्रियांशु ने भाग लिया और बुजुर्गों को बोझ नहीं समझने ब्लकि उनको मार्गदर्शन के रूप में साथ रखने का संदेश दिया। ईशा और सिमरन ने नृत्य और निकिता ने गाने द्वारा बुजुर्गों के सम्मान का संदेश दिया।

महाविद्यालय की छात्रा निकिता ने साढ़े बांके हिमाचले दे शोरूआं नू चिट्टा खा गया गाना गाकर नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए सभी को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया।

त्रिगर्त वसुंधरा रंग मंच के ग्रुप ने चिट्टा बॉय नाम से मशहूर रोहित बोहरा के नेतृत्व में बुजुर्गों को हमेशा सम्मान और समय देने के लिए एक नाटक के माध्यम से संदेश देने का मह्त्वपूर्ण कार्य किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने बुजुर्गों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले छात्रों को

स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।


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