विधायक मलेंद्र राजन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

इंदौरा,6 अप्रैल। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की खंड स्तरीय मूल्यांकन एवं समीक्षा बैठक विधायक मलेंद्र राजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास कार्यालय तथा तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ स्कूलों व कॉलेज के प्रिंसिपल भी उपस्थित रहे, ताकि विद्यालय स्तर पर बच्चों एवं अभिभावकों तक योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सके।

बैठक में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना, मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, अंतरजातीय विवाह योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं के तहत दिए जा रहे लाभों पर चर्चा की गई। विधायक ने बताया कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को गृह निर्माण हेतु 1.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 51,000 रुपये तथा मुख्यमंत्री शगुन योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 31,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट एवं कोचिंग हेतु भी अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा व देखभाल की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाई जाती है, जिसमें मासिक आर्थिक सहायता के साथ गृह निर्माण, शिक्षा व स्वरोजगार हेतु अनुदान भी दिया जाता है। वहीं मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत निराश्रित महिलाओं के बच्चों एवं अनाथ बच्चों को शिक्षा व पालन-पोषण के लिए मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2026 के दौरान स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत 40 लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 1.50 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2023 से अक्टूबर 2025 तक 3,203 लाभार्थियों को मासिक पेंशन दी गई। अंतरजातीय विवाह योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में 23 लाभार्थियों को 11 लाख पचास हजार प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, जबकि दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत दो वर्षों में 105 लाभार्थियों को 8.75 लाख रुपये की सहायता दी गई।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 24 लाभार्थियों को 31,000 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से सहायता प्रदान की गई, जबकि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत इस वित्त वर्ष में 6 लाभार्थियों को गृह निर्माण हेतु 3 लाख रुपये तक का अनुदान दिया गया। बेटी है अनमोल योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में 42 लाभार्थियों को लगभग 8.73 लाख रुपये,छात्रवृत्ति योजना के तहत 440 लाभार्थियों को 4.65 लाख रुपये,शगुन योजना के तहत 3 वर्ष में 200 लाभार्थियों को 62 लाख ,कन्यादान योजना के तहत 107 लाभार्थियों को लगभग 55 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर विधायक ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का ग्राम सभाओं एवं शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति इनका लाभ उठा सकें और समाज के कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण हो सके।उन्होंने सभी प्राचार्यों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को इन योजनाओं के बारे में जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इनका लाभ उठा सकें और समाज के कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण हो सके।

बैठक में एसडीएम डॉ सुरेंद्र ठाकुर, बीडीओ सुदर्शन सिंह, तहसील कल्याण अधिकारी अनूप सिंह,सीडीपीओ सुनीत कुमार तथा सभी स्कूलों एवं कॉलेजों के प्रिंसिपल उपस्थित रहे।


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