परमिद्र पटी ने जीता दुर्गेला का दंगल :
दुर्गेला (शाहपुर) , 5 अप्रैल :- प्रदेश भर में होने वाले स्थानीय मेले एकता भाईचारे,प्रेम सद्भावना और हिमाचली संस्कृति की पहचान यह आज उप- मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने दुर्गेला पंचायत के स्थानीय मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचने पर कहे। इस दौरान उनके साथ मेला कमेटी प्रधान कुलभूषण चौहान , सदस्य बुद्धिसिंह राणा, राजिंन्द्र चौहान, प्रमोद पठानिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
उप मुख्य सचेतक ने लोगों के बीच बैठकर कुश्ती देखने का भरपूर आनंद लिया संबोधन के दौरान उन्होंने मेला कमेटी को मेले के भव्य आयोजन व समय पर बड़ी माली करवाने के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा समय के साथ-साथ स्थानीय मेलों का स्वरूप और आकार पहले से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं बल्कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने में ये अहम भूमिका निभाते हैं।
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मेलों और उत्सवों के आयोजनों से अगली पीढ़ी तक हमारी उच्च परमपरायें पहुंचती हैं और इनका ज्ञान भी बढ़ता है। उन्होने कहा कि इन उत्सवों में आयोजित होने वाले आयोजनों में खेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर मिलता है। मनोरंजन के साथ-साथ व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी होता है। उन्होंने कहा इन मेलों में बच्चे, जवान और बुजुर्ग एक स्थान पर एक साथ मेले का मनोरंजन लेते हैं जो अपनी संस्कृति को समझने और आगे ले जाने में महत्वपूर्ण है।
दुर्गेला मेले की माली पटी के परमिन्द्र व फगवाड़ा के पम्मा में हुई जिसे परमिन्द्र ने मात्र सात मिनट में जीत कर दंगल अपने नाम किया.
मुख्य अतिथि ने अपने हाथों से पहलवानो को इनाम राशि बांटी व मेला कमेटी के पदाधिकारीयों और जिन दानीसज्जनों ने मेले के आयोजन के लिए आर्थिक सहायता की उन्हें स्मृतिचिन्ह से सम्मानित किया!
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