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हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत बजट के खिलाफ सी एच ओ में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। आल हिमाचल प्रदेश एसोशिएशन के सीएचओ के प्रधान अभिषेक चौहान ने बजट को सी एच ओ के साथ स्पष्ट भेदभाव बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सीएचओ अभिषेक चौहान ने कहा कि जहां एक ओर सरकार ने अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों और विभिन्न कैडर के लिए लाभों की घोषणा की है, वहीं सीएच ओ को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। उन्होंने इसे “स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़” माने जाने वाले सीएचओ के साथ अन्याय बताया।
उन्होंने कहा कि सीएचओ कठिन परिस्थितियों, खासकर पहाड़ी और दूरदराज़ क्षेत्रों में दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो उचित वेतन दिया जा रहा है और न ही उनकी मांगों पर कोई ध्यान दिया गया है।
साथ ही कहा कि हिमाचल प्रदेश के सीएच ओ की प्रमुख मांगें हैं जिसमें
समान काम, समान वेतन लागू किया जाए
वर्तमान में दिए जा रहे इंसेंटिव को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए।कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करने वाले सी एच ओ को हार्ड रीच एरिया अलोंश को दिया जाए
सीएचओ के लिए स्पष्ट और स्थायी वेतन संरचना निर्धारित की जाए उन्होंने कहा, “हम स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
सीएच ओ ने सरकार से अपील की है कि वे उनके योगदान को समझें और उन्हें न्यायसंगत अधिकार प्रदान करें, ताकि वे और बेहतर तरीके से जनता की सेवा कर सकें।
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