बिलासपुर 26 मार्च : मन्दिर न्यास श्री नयना देवी जी द्वारा मन्दिर के विकास, संचालन एवं धर्मार्थ गतिविधियों में योगदान देने वाले दानकर्ताओं के सम्मान हेतु “विशिष्ट दानकर्ता सम्मान योजना” की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ उपायुक्त राहुल कुमार ने किया।
इससे पूर्व उपायुक्त राहुल कुमार ने नयना देवी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, एसडीएम धर्म पाल तथा टेम्पल ऑफिसर उपस्थित रहे।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि यह योजना मन्दिर के समग्र विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि तथा सामाजिक एवं धर्मार्थ कार्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं दानकर्ताओं से इस योजना में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
इस योजना के अंतर्गत दानकर्ताओं को उनके संचयी अथवा वार्षिक योगदान के आधार पर तीन श्रेणियों—Category-A (₹15,00,001 एवं उससे अधिक), Category-B (₹10,00,001 से ₹15,00,000 तक) तथा Category-C (₹5,00,000 से ₹10,00,000 तक)—में वर्गीकृत किया गया है। दान नकद (चेक) के अतिरिक्त भौतिक निर्माण कार्यों के रूप में भी स्वीकार किए जाएंगे, जिनका मूल्यांकन न्यास के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत पंजीकृत दानकर्ताओं को विभिन्न विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें प्रमुख पर्वों एवं अनुष्ठानों में पूजा की प्राथमिकता, गर्भगृह के निकट आरक्षित स्थान, विशेष प्रसाद, वीआईपी प्रवेश, आरक्षित पार्किंग तथा डिजिटल/फिजिकल प्रिविलेज कार्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दानकर्ताओं का नाम एवं चित्र वार्षिक पत्रिका एवं वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा तथा उन्हें सम्मान पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

संग्रहित धनराशि का उपयोग निर्धन बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं, लंगर व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, गौ-सेवा तथा बुजुर्गों एवं दिव्यांगों के लिए सुविधाजनक बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाएगा।
उन्होंने मंदिर में चल रहे विकासात्मक कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु रैंप की व्यवस्था की गई है, जिससे इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लाभ मिला है। मंदिर परिसर में बायोगैस प्लांट तैयार हो चुका है, जिससे लगभग 20 किलोग्राम गैस का उत्पादन हो रहा है। इसके अतिरिक्त, मंदिर में लिफ्ट सुविधा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि मंदिर परिसर में संचालित विद्यालय को सीबीएसई से संबद्ध कराने की प्रक्रिया प्रगति पर है। स्थानीय युवाओं एवं बच्चों के लिए पुस्तकालय की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है, जिसे भविष्य में और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड एवं आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पार्किंग एवं सड़कों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया है, साथ ही मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
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