शिमला में 1 जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगा स्टॉप डायरिया कैंपेन



शिमला 28 जून – जिला शिमला में 01 जुलाई से 31 अगस्त, 2024 तक स्टाॅप डायरिया कैंपेन का आयोजन किया जाएगा ताकि बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सके। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीकाकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।



अनुपम कश्यप ने कहा कि स्टॉप डायरिया कैंपेन का आयोजन दो चरणों में पूर्ण किया जा रहा है, जिसमें 14 से 30 जून, 2024 तक प्रारम्भिक चरण तथा 01 जुलाई से 31 अगस्त, 2024 तक द्वितीय चरण चलाया जाएगा।


उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 वर्ष की आयु से कम बच्चों को घर द्वार तक ओआरएस तथा जिंक की गोलियों का वितरण करना है ताकि बच्चों को संक्रमण एवं जल जनित रोगों से दूर रखा जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि अभियान के अंतर्गत प्रत्येक परिवार में दो ओआरएस के पैकेट तथा 14 गोलियां जिंक की वितरित की जाएगी। दो माह से छः माह तक के बच्चों के लिए 10 एमजी की आधी गोली 14 दिन तक तथा छः माह से 5 साल तक की आयु वाले बच्चों के लिए 20 एमजी की एक गोली 14 दिन के हिसाब से वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त सभी स्वास्थ्य संस्थान में ओआरएस कॉर्नर भी स्थापित किए जाएंगे।



अगस्त माह में होगा राष्ट्रीय डीवर्मिंग दिवस का आयोजन

उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय डीवर्मिंग दिवस का आयोजन अगस्त माह में किया जाएगा। डीवॉर्मिंग अभियान के अंतर्गत बच्चों को खुराक के तौर पर 1 से 2 वर्ष की आयु वाले बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली वितरित की जाएगी वहीं 2 से 19 साल तक के बच्चों को 400 एमजी की एक गोली वितरित की जाएगी। 1 साल से कम आयु वर्ग के बच्चों के लिए एक एमएल विटामिन-ए तथा डेढ़ वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए दो एमएल विटामिन ए वितरित की जाएगी।


अनुपम कश्यप ने कहा कि इसके साथ-साथ बच्चों को खसरा और रूबेला से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। खसरा और रूबेला का कोई इलाज न होने के कारण इसे टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है। इसी के तहत 9 से 15 साल तक के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है।

उपायुक्त ने जिला नागरिकों से अभियान के अंतर्गत अपने बच्चों का टीकाकरण तथा जिंक एवं एल्बेंडाजोल का खुराक देने का आग्रह किया।

उपायुक्त ने कहा कि बरसात के दृष्टिगत जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों का भण्डारण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आपदा के समय उन दवाइयों को प्रयोग में लाया जा सके।

उन्होंने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को डायरिया से संबंधित जागरूकता सामग्री को शैक्षणिक संस्थानों द्वारा तैयार किए गए व्हाट्सएप ग्रुप, वेबसाइट एवं एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए ताकि लोगों के बीच इस संदर्भ में अधिक से अधिक जागरूकता सुनिश्चित हो सके।



इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश प्रताप सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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