मनरेगा मज़दूरों  को बोर्ड में पंजीकृत करने के लिए मिली हरी झंडी।




1 जुलाई से सीटू से सबंधित यूनियन शुरू करेगी कार्य।


किरण राही/ मंडी।



सीटू से सबंधित निर्माण एवं मनरेगा मज़दूर यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने आज ज़िला अध्यक्ष एवं राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य भूपेंद्र सिंह की अगुवाई में श्रम कल्याण अधिकारी मंडी अनिल ठाकुर से मुलाक़ात की उनके साथ करतार सिंह चौहान, प्रकाश वर्मा, रणताज़ राणा,सुखराम ठाकुर, मॉन सिंह, गोपेन्द्र, मेहर सिंह, राजेन्द्र कुमार और सुरेश सरवाल भी उपस्थित रहे।

यूनियन प्रतिनिधियों ने  बोर्ड में मज़दूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण तथा वित्तिय लाभ जल्दी बहाल करने की मांग की और सब ऑफिसों में ही सारे काम शुरू करने की मांग उठाई।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मनरेगा मजदूरों को बोर्ड में पंजीकृत करने का काम दिसंबर 2022 से रुका हुआ था जिसे बहाल करने बारे 28 फ़रवरी को हुई पिछली बोर्ड बैठक में  निर्णय हो गया था।

लेकिन लोकसभा चुनावों के कारण चुनाव आचार संहिता के चलते ये काम तीन महीने रुका रहा।लेक़िन अब वे मनरेगा मज़दूर बोर्ड में पंजिकृत होंगे जिन्होंने गत वर्ष 90 दिनों से अधिक निर्माण सबंधी काम किया है लेकिन मनरेगा के भूमि सुधार व पौधरोपण इत्यादि के कार्यदिवस इसमें गिनती नहीं होंगे।इसके अलावा मज़दूरों का पंजीकरण ऑनलाईन पद्धति से भी होगा लेक़िन उसके सभी प्रपत्र ज़िला में सत्यापन के बाद ही उनको नंम्बर जारी होंगे।

इसलिए अब सीटू से सबंधित यूनियन ने निर्णय लिया है कि वे जुलाई माह से पंजीकरण, नवीनीकरण व अन्य लाभों को लेने बारे फ़ार्म भरने का कार्य खण्ड व क्षेत्रीय स्तर पर शुरू करने जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि बोर्ड द्धारा मनरेगा मजदूरों को इससे बाहर करने के कारण उनका नवीनीकरण पिछले दो साल से नहीं हो पाया इसलिए उन्हें रिन्यू करने के लिए दो साल अतिरिक्त समय बोर्ड से लेने बारे अगली बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

इसके अलावा लंबित सहायता राशी को जारी करने बारे मुद्दा उठाया जायेगा।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने इसके लिए बोर्ड की मीटिंग जल्द आयोजित करने के लिए पत्र लिखा है।मज़दूरों को मदद करने के लिए यूनियन सरकाघाट, सजाओपीपलु, धर्मपुर, कांगों का गहरा, टिहरा और संधोल में 1 जुलाई से शुरू करने जा रहे हैं।

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