पोषण पखवाड़े में पोषण भी पढ़ाई भी का दिया संदेश

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By newshimachal24.com


विपुल गुप्ता, सुजानपुर, न्यूज़ हिमाचल 24

बाल्यावस्था के प्रथम 6 वर्ष बच्चों के मजबूत शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक, बौद्धिक और संवेदनात्मक विकास की आधारशिला रखते हैं। बाल्यावस्था का यह काल अत्यंत संवेदनशील होता है । अतः इस काल में ऐसे मानवीय परिवेश की आवश्यकता रहती है जिसमें बच्चा अपनी पूरी क्षमता को हासिल करने का अवसर प्राप्त कर सके।

प्रारंभिक पोषण देखभाल, उपयुक्त प्रोत्साहन और समुचित शिक्षा ऐसे परिवेश के आवश्यक अंग हैं। यदि हमें वर्ष 2030 तक सभी बच्चों की गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक देखभाल के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा के संस्थानों जिन में आंगनबाड़ी केंद्र प्रमुख हैं, की रीब्रांडिंग करनी होगी। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु केंद्र सरकार ने पोषण भी, पढाई भी कार्यक्रम की शुरुआत की है जिसके अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण केंद्रों के साथ-साथ शिक्षा केंद्रों में भी बदला जाना है जिससे प्रत्येक बच्चे को कम से कम 2 घंटे की गुणवत्तापूर्ण प्री स्कूल शिक्षा प्रदान की जानी है।

उक्त जानकारी देते हुए सीडीपीओ सुजानपुर कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना को कार्य रूप देते हुए 9 मार्च से 23 मार्च 2024 तक चलने वाले पोषण पखवाड़े के अंतर्गत के सुजानपुर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वदेशी खिलौने के उपयोग और निर्माण में स्थानीय महिलाओं को सम्मिलित कर न केवल हस्तकला की पुरानी विधाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयत्न किया जा रहा है अपितु खेल-खेल में बच्चों के बौद्धिक विकास को स्थायित्व एवं सकारात्मक दिशा दी जा रही है।

इस सामुदायिक पल को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं में प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। पोषण भी पढ़ाई भी का यह प्रयास जहां पुरातन हस्तकलाओं को पुनर्जीवित करेगा वहीं स्वरोजगार के नई अवसरों का सृजन करेगा और आंगनबाड़ी केन्द्रों में खिलौना बैंक की स्थापना करने में भी मदद मिलेगी। महिलाओं को पोषण वाटिकाओं की स्थापना और उनसे जुड़ी गतिविधियों के समय बच्चों को सम्मिलित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है जिससे बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ बच्चों को समुचित पोषण, पोषण व्यवहार और अनौपचारिक शिक्षा मिल सके।

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